प्रत्यय

Views:
 
Category: Entertainment
     
 

Presentation Description

pratyya

Comments

Presentation Transcript

प्रत्यय :

प्रत्यय   आदित्य बेंस

प्रत्यय के प्रकार :

प्रत्यय   के   प्रकार   प्रत्यय पाँच प्रकार के होते है । शतृ शानच् त्व तल् स्त्री प्रत्यय

शतृ प्रत्यय :

शतृ   प्रत्यय   शतृ प्रत्यय का धातु के साथ अन लगता है। यह प्रत्यय परस्मैपदी धातु के साथ जुड़ता है। इसका हुआ या हुई अर्थ में प्रयोग होता है।  उदाहरण पठ + शतृ = पठन् /पठन्ति/ पठत शृ + शतृ = शृणवन् /शृणवन्ति/ शृणवत दृश  + शतृ = पश्यन् /पश्यन्ति/ पश्यत कृ + शतृ = कुर्वन् /कुर्वन्ति/ कुर्वत

Slide 4:

हसन्ति बालिका गच्छति चलचित्रम पश्यन बालक: प्रसन्न: अस्ती  गृहम् गच्छन्तौ बालकौ प्रसन्नौ स्त: खेलन्तया: बालिकाया: विद्यालय: कुत्र अस्ती

शानच् प्रत्यय:

शानच् प्रत्यय शानच् प्रत्यय में धातु के पीछे मान:/माना:/मानं जुड़ता है। ये प्रत्यय भी हुआ या हुई अर्थ के लिए प्रयोग किया जाता है । शानच् प्रत्यय आत्मनेपदि धातुओं के साथ जुड़ता है। उदाहरण सेव  + शानच्  =  सेवमान :/ सेवमना :/   सेवमानम् लभ + शानच्  = लभमान :/ लभमाना :/ लभमानम् मुद + शानच्  =   मोदमान :/ मोदमाना :/ मोदमानम् शुभ + शानच्  =  शोभमान :/ शोभमाना :/ शोभमानम् वृत्  + शानच्  =    वर्रतमान :/ वर्रतमाना :/ वर्रतमानम् याच्+शानच्  =   याचमान :/ याचमाना :/ याचमानम्

Slide 6:

मोदमाना   बालिका   प्रसन्ना :  अस्ती   सेवमानस्य   बालक्स्य   विद्यालय :  कुत्र   अस्ती वर्धमान :  उल्का :  पतन्ति   राजमानम   सूर्यम   पश्य

त्व प्रत्यय :

त्व प्रत्यय इस   प्रत्यय   का   प्रयोग   भाववाचक   संज्ञा   बनाने   के   लिए   होता   है ।  त्व   का   त्वम्   शेष   रह   जाता   है  ।  ये   प्रत्यय   शब्दों   के   साथ   जुड़ते   है ।   उदाहरण   कटु  +  त्व = कटुत्वम् लघु +  त्व = लघुत्वम् गुरु +  त्व = गुरुत्वम् महत् +  त्व = महत्त्वम देव +  त्व = देवत्वम्

तल् प्रत्यय :

तल् प्रत्यय प्रत्यय   का   प्रयोग   भी   भाववाचक   बनाने   के   लिए   होता   है ।  तल्   का   ता   शेष   रह   जाता   है ।  यह   प्रत्यय   भी   शब्दों   के   साथ   जुड़ते   है । उदाहरण   मह  + तल् = महता मित्र + तल् = महता शत्रु + तल् = शत्रुता लघु   + तल् = लघुता कटु   + तल् = कटुता

Slide 9:

अहम्   पश्पस्य   सुंदरताम्   अनुभवासी मित्रताया   महत्त्वं   अधिकम   भवति रमस्य   वीरताम   सर्वे   जानन्ति सत्यताया :  महत्वं   भवति

स्त्री प्रत्यय:

स्त्री   प्रत्यय इसके   दो   प्रकार   होते   है टाप् डींप

टाप् प्रत्यय:

टाप् प्रत्यय पुल्लिंग   शब्दों   को   स्त्रीलिंग   बनाने   के   लिए   टाप   प्रत्यय का   प्रयोग   होता   है । टाप   का  आ  शेष   रह   जाता   है   उदाहरण कोकिल  + टाप् = कोकिला चटक   + टाप् = चटका सरल   + टाप् = सरला बल   + टाप् = बाला सेवक   + टाप् = सेविका  

डींप प्रत्यय:

डींप प्रत्यय यह   पुल्लिंग   शब्दों   को   स्त्रीलिंग   बनाने   के   लिए   प्रयोग   किया   जाता   है ।  शब्दों   के   पीछे  ई( ी)  जुड़ता   है ।  उदाहरण   देव + डींप =  देवी   वानर + डींप = वानरी नर   + डींप = नारी   हंस   + डींप = हंसी मयूर   + डींप = मयूरी  

authorStream Live Help