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जलीय पारिस्थितिक तंत्र : 

जलीय पारिस्थितिक तंत्र

जलीय पारिस्थितिक तंत्र : 

जलीय पारिस्थितिक तंत्र समुद्री पारिस्थितिक तंत्र खुले समुद्र तटीय खाड़ी और लवणीय दलदल मूँगे की चट्टानें मैनग्रोव्स जल निकायों में स्थित पारिस्थितिक तंत्र खुले समुद्र खाड़ी और लवणीय दलदल मूँगें की चट्टानें और मैनग्रोव्स नदियाँ, धारायें और झरनें तालाब lझीलें मीठे पानी के पारिस्थितिक तंत्र बहता पानी (नदियाँ, धारायें और झरनें) स्थिर / धीमी गति से बहता पानी (तालाब, झीलें, पोखर/ दलदल)

मीठे पानी के पारिस्थितिक तंत्र : 

मीठे पानी के पारिस्थितिक तंत्र पृथ्वी की सतह का 0.8% भाग मीठे पानी से ढंका है और उसमें पृथ्वी के कुल पानी का 0.009% भाग रहता है। मीठे पानी के पारिस्थितिक तंत्रों में संसार की मछलियों की ज्ञात प्रजातियों में से 41% पाई जाती हैं। मीठे पानी के पारिस्थितिक तंत्र के दो प्रकार हैं : लोटिक : तेज़ बहते पानीवाले (नदियाँ, धारायें और झरनें) लैंटिक: स्थिर / धीमी गति से बहते पानीवाले (तालाब, झीलें, पोखर)

लोटिक पारिस्थितिक तंत्र : 

लोटिक पारिस्थितिक तंत्र निरंतर बहते हुये पानी में रहनेवाली प्रजातियाँ उन परिस्थितियों के अनुसार ढल गई होती हैं। लोटिक पारिस्थितिक तंत्रों में (एक ही नदी या धारा के भीतर भी) बहुत परिवर्तन होता रहता है और वह इन कारकों द्वारा निर्धारित होता है : धारा/ नदी के आधारतल का आकार (सूक्ष्म आवासतंत्र निर्मित कर सकता है) धारा / नदी के आधारतल की ढाल जल की मात्रा धार का वेग तेज़ बहते पानी में घुली हुई ऑक्सीजन की मात्रा अधिक होती है और इसलिये वह अधिक जैवविविधता को सहारा देता है प्रकाश तापमान अधिकांश लोटिक प्रजातियाँ पॉइकिलोथर्म होती हैं, जिनका आंतरिक तापमान आसपास के बाहरी तापमान के साथ परिवर्तित होता है जल की रासायनिक संरचना (जो बड़ी नदियों में बदल जाती है)

लोटिक पारिस्थितिक तंत्र : 

लोटिक पारिस्थितिक तंत्र नदीतटीय सूर्य के प्रकाश से मिलनेवाले पोषक तत्व अपघटक प्राथमिक उत्पादक बड़े अकशेरूकीय मछली मेंढक उभयचर सरीसृप स्तनधारी (डॉल्फिन, समुद्री ऊदबिलाव) मछली बड़े अकशेरूकीय कीड़े मॉलस्क (घोंघे, सीपी, बड़ी सीपी, छोटी सीपी) क्रस्टेशियन्स (केंकड़े) बैक्टीरिया प्राथमिक उत्पादक शैवाल, मॉसेस, लिवरवर्ट, डकवीड , वॉटर हेसिन्थ

लेंटिक पारिस्थितिक तंत्र : 

लेंटिक पारिस्थितिक तंत्र झीलों में आंतरिक विषमता होती हैं और उनकी जलराशि सब दूर एक समान नहीं होती झील के भीतर की जैव विविधता भी परिवर्तनशील होती है और इन कारकों पर निर्भर करती है भौतिक परिस्थितियाँ प्रकाश तापमान जल धाराएं रासायनिक परिस्थितियाँ पोषक तत्व प्रदूषक

झील के क्षेत्र : 

झील के क्षेत्र स्थलीय पौधे लिटोरल क्षेत्र बाहर निकले हुये पौधे तैरनेवाले पौधे लिमनेटिक क्षेत्र (खुला पानी) जलमग्न पौधे यूफोटिक क्षेत्र बेंथिक क्षेत्र

झील के जीव-जंतु : 

झील के जीव-जंतु ऐसे प्राणी जो जहाँ चाहे वहाँ जा सकते हैं ऐसे प्राणी जो जहाँ भी पानी उन्हें ले जाए वहाँ चले जाते हैं ऐसे प्राणी जो झील के तल पर रहते हैं मछली उभयचर बड़े जीवप्लवक जीवित प्राणी – प्लवक पशु : जीवप्लवक शैवाल : पादपप्लवक जीवाणु : जीवाणुप्लवक मृत प्राणी – मृत प्राणियों का अवशिष्ट आंतरिक : झील के भीतर उत्पन्न बाह्य : संग्रहण क्षेत्र से बह कर आने वाला पशु जलीय कीड़े, सीपी, घोंघे, इल्लियाँ, क्रे मछली पौधे मैक्रोफाइट पेरीफाइटॉन जीवाणु और फफूंद नालियों से आई अपशिष्ट तलछट

झील की खाद्य-श्रृंखला : 

झील की खाद्य-श्रृंखला

झील में खाद्य और ऊर्जा का संजाल : 

झील में खाद्य और ऊर्जा का संजाल

महासागर के क्षेत्र : 

महासागर के क्षेत्र 6,000m 10,000m 2000 to 1,000m 200m 700 to 1,000m पेलेजिक नेरिटिक पानी का उच्च स्तर पानी का निचला स्तर सहलिटोरल या शैल्फ लिटोरल समुद्रीय एपीपेलेजिक फोटिक मेसोपेलेजिक 10 डिग्री सेंटीग्रेड 4 डिग्री सेंटीग्रेड बेथीपेलेजिक एफोटिक एबीसलपेलजिक हेडापेलेजिक बेन्थिक बाथीयल एबीसल हेडल

समुद्री पारिस्थितिक तंत्र : 

समुद्री पारिस्थितिक तंत्र पृथ्वी की सतह के 71% भाग पर फैले हुये हैं खुले समुद्र तटीय खाड़ी और लवणीय दलदल मूँगे की खाड़ियाँ और मैंग्रोव्स प्रत्येक एक जटिल पारिस्थितिकीय तंत्र है अन्य पारिस्थितिक तंत्रों के समान ही इनमें भी उत्पादक, उपभोक्ता और अपघटक होते हैं http://www.earthhistory.org.uk/ http://www.nu.ac.za http://www.learnnc.org/ http://www.geocities.com http://www.minresco.com/australia

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