Keval PM pad ki nahin, MODI ke lie ye shapath bhi hai Zaruri.

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Presentation Description

मोदी जी, लोकतांत्रिक व्यवस्था की एक बड़ी कमी ये भी है कि बहुमत चाहे तो विपक्ष को शून्य कर सकता है। विपक्ष की शून्यता शुरुआत में लोगों को अपनी जीत लगती है। लेकिन कालांतर में उन्हें अहसास होता है कि विपक्ष का शून्य हो जाना दरअसल उनका शून्य हो जाना है। अब क्योंकि संवैधानिक व्यवस्था में ऐसा होने की संभावना है इसलिए मीडिया को चिरविपक्ष कहा गया। अभिप्राय ये है कि अगर राजनैतिक विपक्ष खत्म भी हो जाता है तो एक संस्थान ऐसा होगा जो विपक्ष में बैठा होगा। यह संस्थान लोकतंत्र में लोगों को शून्य नहीं होने देगा या सुरक्षित शब्दों में कहा जाए तो ऐसा होने की संभावना को कम करने की कोशिश करेगा।

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Presentation Transcript

slide 1:

क े व ल PM प द क न ह ं म ो द क े ल ए य े श प थ भ ी ह ै ज़ र आँकड़ के लहाज से देश के सवाधकलोकय शीष थ नेताओं मसे एक नर मोद आज धानमंी पद क शपथ ल गे । संयोग है क आज हंद पकारता दवस भी है । वटर आजकल जानकारय का म ुय ोत बना ह ुआ है । पीएम के शपथ समारोह के कारण डंग स ूची महंद पकारता दवस दखा नहं । ययप दवस वगैरह देश क सरकार नमाणसे अधक महवप ूणहोते नहं फर भी मीडया संथान का जो अवम ूयन वगत वष मह ुआ है वह सोचनीय है । इसलए इस दवस कमहा बढ़ गई है । मोद ​जी लोकतांक यवथा कएक बड़ी कमी ये भी है क बह ुमत चाहे तो वप को श ूय कर सकता है । वप क श ूयता श ुआत मलोगको अपनी जीत लगती है । लेकन कालांतर मउहअहसास होता है क वप का श ूय हो जाना दरअसल उनका श ूय हो जाना है । अब यक संवैधानक यवथा म ऐसा होने क संभावना है इसलए मीडया को चरवप कहा गया । अभाय ये है क अगर राजनैतक वप खम भी हो जाता है तो एक संथान ऐसा होगा जो वप मबैठा होगा । यह संथान लोकतं म लोग को श ूय नहं होने देगा या स ुरत शद मकहा जाए तो ऐसा होने कसंभावना को कम करने क कोशश करेगा । लेकन पछले क ुछ सालमइस संथान कक ृत मद ुभायप ूणगरावट आई है । संथान ने वप म रहना छोड़ दया है । मीडया के बड़े तबके वारा वप मन रहने क िथत लोकसभा च ुनाव 2014 के बाद बढ़ है । जो मीडया जनता क आवाज़ माना जाता है वह मीडया दरअसल सरकार क आवाज़ बनने लगा । ह ुआ ये क लोग बस स ुनने लगे । उहसरकार को स ुनने का आदबनाया गया । उस हद तक क अब सरकार से अलग कोई बोलता है तो उसकआवाज़ दबाने ककोशश कजाती है । लोकतं मतं रह गया है लोग नहं बचे । ऐसे ह लेटेट आट कल के लए ​CLICK ​करे:-

slide 2:

ख़ैर आपको इसलए संबोधत कर रहा ह ूँ यक जाने-अनजाने आप इस प ूर या के नायक ख़लनायक तीत होते ह । तं पर आपक पकड़ अभ ूतप ूवहै । लोग के मन पर आपका राज अत ुलनीय है । लेकन मोदजी इन तमाम बातके बावज ूद हतो आप एक लोकतांक देश के धान । अगर लोग ह नहं तो लोकतं कैसा और लोकतं ह नहं तो लोकतांक धान कैसा । वैसे भी एक यित क ताकत का अंदाज़ा उसके वारा झेलगई च ुनौतयसे लगाई जाती है । एक नेता का कद उसके सामने खड़े सवाल के कद से बढ़ता है । बचपन महम खेलते थे । शायद आप भी खेलते हगे । जो खलाड़ी कमज़ोर होता था उसे “द ूध-भात” कह देते थे । यह द ूध भात खलाड़ी खेल मकोई महव नहं रखता था । उसे इसलए खला लेते थे ताक उनका मन रह जाए । सवच िजम ेदार बचपने के उस खेल जैसी ह होती है । आप िजस िजम ेदार का वहन कर रहे ह- उसका सबसे बड़ा नयम है - लोग से संवाद थापत करना । संवाद थापत करने का मायम है - मीडया । पाँच साल के आपके काय काल ममीडया और आपके रत को देखते ह ुए लगता है क या तो मीडया ने आपको द ूध-भात बनाया ह ुआ है या आपने मीडया को । दोन ह िथत लोकतं के लए अहतकर है । मोद जी सवाल क मजब ूती मह आपक मजब ूती है । मीडया के सचे होने महआपका गौरव छपा है । इसलए धानमंी पद क शपथ के साथ ह मीडया क वतंता का शपथ भी लिजएगा । अपनी ओर से वप को सदैव मजब ूत रखने का शपथ भी लिजएगा । मजब ूत वप का मतलब मजब ूत लोग और मजब ूत लोग का मतलब मजब ूत लोकतं है । आपक मजब ूती के लए ये शपथ भी ज़र लिजएगा । ​जब हर खबर क पोल है ख ुलती तभी सची खबर हम पढने को मलती सफ़ ​MOLITICS.IN ​ पर

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